पुरानी हवेली का रहस्य: एक भावुक और रहस्यमय कहानी
इस कहानी का पिछला भाग के लिए यहाँ क्लिक करें कहानी: पुरानी हवेली का रहस्य करण के माता-पिता ने जैसे ही करण को घर लौटते देखा, वे खुशी से चिल्लाने लगे, "हमारा बेटा आ गया!" लेकिन करण उनकी तरफ बढ़ने के बजाय मोहन के पीछे छिप गया। यह देखकर करण के माता-पिता हैरान रह गए। उन्होंने सोचा कि करण ने जिनके साथ समय बिताया, उन्होंने उस पर ज़ुल्म किए होंगे, जिससे वह अब हमसे भी डर रहा है। लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि करण को सच पता चल चुका है—वे उसके असली माता-पिता नहीं हैं। करण के माता-पिता ने उसे प्यार से बुलाया और अंदर ले गए। उन्होंने मोहन को भी धन्यवाद देते हुए अंदर बुलाया, क्योंकि उन्हें लगा कि मोहन ही करण को वापस लाया है। रात को करण के माता-पिता उसे अपने पास सुलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन करण अकेले सोने की ज़िद करता है। यह सुनकर वे घबरा गए, लेकिन मोहन ने उन्हें समझाया कि करण अब बच्चा नहीं रहा। वह उसके कमरे की निगरानी रखेगा। आखिरकार, करण के माता-पिता मान गए। रात को करण अपने कमरे में बेचैन होकर लेटा था। तभी मोहन चुपके से उसके कमरे में आया और पूछा, "अब बताओ, तुम्हें...