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मन में बचपन की बातें 2

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मन में बचपन की बातें 2 पार्ट -    1       2        3         4     आपने पढ़ा..  पूरे स्कूल के बच्चे बिठा दिये और मुझे और अभिषेक को खड़ा रखा | और कहा अब बताओ क्या परेशानी है | मैं तो चुप रहा अभिषेक बोला सर मनोज से पूछो क्या बात है | अब तो अभिषेक भी बिठा दिया | अब तो डाट मुझे ही पड़ी थी | हमारी पिछली पोस्ट पढने के लिए यहाँ क्लिक करें अब आगे ... यहाँ से आगे तो हम धीरे धीरे कक्षा 8 में पहुंचे | उस वक्त कक्षा 8 बोर्ड हुआ करती थी | तो हम पढाई में जुट गे | इसके बाद कक्षा 8 की परीक्षा देने के बाद हमारा रिजल्ट आया तो उसमे रिजल्ट था की कक्षा में पहला स्थान था अभिषेक और दूसरा स्थान था मनोज मतलब मेरा और तीसरा स्थान बईसन चौथा पूनम का और पंचमा वर्षा का ऐसे ही सचिन का और मुन्ना का नहीं पता था | हम एक नई कक्षा 9 वी  में पहुंचे उसमे एक टोपर लड़की आई जिसका नाप प्रयंका था |  हम तो थे ही शरारती हमारी फिरसे वही धुन चालू लेकिन बईसन उधम कम करती या कहे न के बराबर जो ज्यादा उधम करते वह मनो...

मन में बचपन की बातें

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मन में बचपन की बातें  पार्ट -   1     2        3         4   नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मनोज है में राजस्थान के भरतपुर जिले के गाँव फतेहपुर कलां में रहता हूँ सन 1  जनवरी २०१९ ''इस दिन मेरा अपने दोस्तों से नया साल आया है, जो हमारा कुछ नया बनाता है | मेरे जीवन में इस जनवरी से पहले की बाते - बचपन से आज तक हम तीन दोस्त हैं -मनोज (लेखक), अभिषेक और सचिन हम तीनो अपने जीवन में एक ख़ुशी की पतवार (डोर) लिए घूमते हैं | हमारा जीवन एक अतुल्य ख़ुशी भरा जीवन है | इनमे से एक तो बाहर गाँव या पास के गाँव का है उसके गाँव का नाम मूंढौती है जो मेरे गाँव से करीब २.०० किमी की दुरी पर है हम दोनों, में और अभिषेक बचपन से कक्षा १ से ३ तक मूंढौती गाँव में साथ साथ पढ़ते थे में इसे तभी से जानता हूँ उसके बाद में कक्षा 4 से अपने गाँव के सरकारी स्कूल में पढने लगा तो में यहाँ ज्यादा किसी को नहीं जनता था सिर्फ अपने पडौस के बच्चो के अलावा |  फिर कक्षा 5 में अभिषेक भी मेरे गाँव फतेहपुर कलां में पढने लगा तो उस वक्त...