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रहस्यमयी जंगल की कहानी: निधिवन के श्रापित खजाने का अनसुलझा सच

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  कहानी: "अनदेखा सच" (एपिसोड 1: रहस्यमयी गांव ) यह कहानी एक छोटे से गांव, "निधिवन" की है, जहां हर किसी की जिंदगी सामान्य दिखती है, लेकिन एक ऐसा रहस्य छिपा है, जो सालों से किसी को चैन से सोने नहीं देता। हर कोई इस गांव के बारे में जानना चाहता है, लेकिन यहां के लोग अजनबियों से दूर रहते हैं। रात का समय था। निधिवन गांव में हर तरफ सन्नाटा छाया हुआ था। चांदनी रात के बीच एक लड़की, "आर्या", गांव के बाहर जंगल की ओर जा रही थी। आर्या एक युवा पत्रकार थी, जिसने निधिवन के रहस्य के बारे में सुना था। वह इस गांव की सच्चाई जानने और अपने ब्लॉग के लिए एक शानदार कहानी लिखने की तलाश में थी। गांव के बुजुर्गों का कहना था कि जो कोई भी निधिवन के जंगल में गया, वह कभी वापस नहीं आया। लेकिन आर्या को इन बातों पर विश्वास नहीं था। उसने सोचा कि यह सब बस एक अफवाह है। जैसे ही वह जंगल में कदम रखती है, उसे अजीब सी आवाजें सुनाई देती हैं। पत्तों की सरसराहट, दूर से आते भेड़ियों की आवाज, और हवा का अजीब सा झोंका। वह खुद को हिम्मत दिलाते हुए आगे बढ़ती है। जंगल में कुछ दूर चलने के बाद, आर्या को ...

पुरानी हवेली का राज। purani haveli ka raaj Part-1

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पुरानी हवेली का राज। अंजलि के घर के सामने एक बहुत ही पुरानी खंडहर सी पढ़ी हुई हवेली थी। जिस हवेली को देखकर अंजलि को अक्सर डर लगता था। अंजली का घर पहाड़ों पर था। और वह हवेली भी पहाड़ों पर बहुत ही पुराने समय में बनाई हुई थी। अंजलि अक्सर अपने माता पिता से सुनती थी कि वह हवेली एक शापित हवेली है उस हवेली में जाना खतरे से खाली नहीं है अगर उसमें धोखे से भी कोई जानवर चला जाता है तो उसका भी अता पता नहीं चलता। अगर कोई इंसान उस हवेली में चला जाएगा तो उसका क्या हाल होगा वह तो भगवान ही जाने। ऐसी बातें सुनकर अंजलि डर जाया करती थी और सोचती थी कि अगर धोखे से सच में कोई इंसान उस हवेली में चला गया तो उसका भी अता पता नहीं मिलेगा क्योंकि वह एक शापित हवेली है। लेकिन अंजलि सोचती थी कि ऐसा भी तो हो सकता है वह हवेली शापित नहीं हो वहां पर चोर लुटेरे रहते हो। और अपना चोरी का सारा खजाना वही छुपा कर रखते हो और उन्होंने यह अफवाह फैलाई होगी यह हवेली शापित है। और इस हवेली में कोई भी जानवर पक्षी या मानव जाएगा तो जिंदा नहीं आएगा। और हवेली में गए सारे जानवर पक्षियों को भी वही मारते हो। क्योंकि यह कलयुग है यहां पर जो बत...

मीना ने देश पर शहीद होकर अपने गांव का नाम रोशन किया | meena ne desh par shaheed hokar apne gaanv kaa naam roshan kiya

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  मीना ने देश पर शहीद होकर अपने गांव का नाम रोशन किया |  यह कहानी है एक 10 साल की मीना की। वह अपने माता पिता और अपने एक 15 साल के भाई के साथ गांव में अपने परिवार में रहती थी। वैसे तो मीना को पढ़ना बहुत पसंद था लेकिन पढ़ने से भी ज्यादा उसे बड़े-बड़े सपने देखना पसंद था। उसे जब भी पढ़ाई से वक्त मिलता वह बड़े-बड़े सपने देखने लगती। लेकिन जब वह 12 साल के हुई तो उसे थोड़ा समझ में आया कि हजार सपने देखने से कुछ नहीं होता एक ही सपना देखो उसी को सच करने में लग जाओ तब ही सपना सच होता है। तभी सच्ची खुशी मिलती है हजार सपने देखने से खुशी तो मिलेगी पर वह सच्ची खुशी नहीं होगी। अब मीना ने सोच लिया कि वह भी आईएएस में भर्ती होगी और अपने देश की रक्षा करेगी और अपने गांव अपने देश अपने माता पिता अपने भाई का नाम रोशन करेगी। लेकिन वह गांव में रहती थी तो गांव में रहकर भी उसके माता-पिता उसे पढ़ा तो रहे थे लेकिन जब उन्हें पता चला कि मीना आईएएस बनना चाहती है तो वह डर गए कि गांव में तो लड़कियों को इतनी भी छूट नहीं कि वह मां-बाप से बिना पूछे बाजार चली जाए और ऐसा तो वह पूछ कर भी कभी नहीं कर सकती। वह मी...

माता-पिता से ज्यादा अच्छा दोस्त दुनिया में कोई नहीं। Mata pita se jyada achchha dost duniya me koi nahin

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 माता-पिता से ज्यादा अच्छा दोस्त दुनिया में कोई नहीं। यह कहानी है अरुण  की।अरुण एक पढ़ा-लिखा सुंदर 18 साल का लड़का था। वह अपने एक छोटे से बहुत ही सुंदर गांव में रहता था। उसका स्वभाव बहुत ही अच्छा और खुश मिजाज था जिसके कारण वह बहुत ही जल्दी अपने दोस्त बना लिया करता था। लेकिन अरुण की इतनी उम्र होने के बाद भी वह चालाक नहीं था वह बिल्कुल सीधा सभाव का लड़का था। चालाकी छल कपट इन सब के बारे में वह बिल्कुल नहीं जानता था इन सब से तो वह कोसों दूर था। और उसके जितने भी दोस्त थे वह भी उसके साथ रहकर उसके जैसे ही बन गए थे छल कपट ना ही करना जानते थे और ना ही इसके बारे में जानते थे। लेकिन उन सब दोस्तों में अरुण का एक बेहद खास दोस्त था जिसे वह अपनी सारी बातें बताया करता था जिसका नाम विनोद था। विनोद दुरंगी स्वभाव का लड़का था वह अरुण के सामने भोला बनकर अरुण के मन की बात जान लिया करता था और अरुण के पीठ पीछे उसकी बुराई करता था। विनोद दोस्ती विश्वास रिश्ते नाते जैसी चीजों पर बिल्कुल भी विश्वास ही नहीं करता था। और वह सिर्फ एक ही चीज के पीछे भागता था वह है पैसा वह पैसे के लिए कुछ भी कर सकता था वह पैसे...

उदित की कड़ी मेहनत रंग लाई। udit ki kadi mehanat rang laee - hidi story 2021 डेली स्टोरी मेकर

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 उदित की कड़ी मेहनत रंग लाई। हमारी पिछली कहानी थी  -  एक सच्चे प्यार की अनोखी प्रेम कहानी  हमारी सभी कहानियां यहाँ से पढ़ सकते  हैं   यह कहानी है 20 साल के उदित की  उदित एक छोटे से गांव में अपनी मां और अपनी बहन के साथ रहता था उसके पिताजी उसके बचपन में ही गुजर गए थे इसीलिए वह बचपन से ही घर की जिम्मेदारियों को उठा रहा था लेकिन। जो वह काम करता था उससे अब घर का खर्चा पूरा नहीं हो पा रहा था बढ़ती महंगाई और बढ़ते खर्चों से वह परेशान हो गया था कि अब में क्या काम करूं। जिससे मैं अधिक धन कमा सकूं। वह सोच का बहुत पक्का था अगर वह सोचता था तो सोचते सोचते किसी भी मुसीबत का हल निकालना उसकी एक कला थी वह कुछ दिनों तक सोचता रहा कि ऐसा क्या काम करूं जिससे खूब धन मिल जाए और गृहस्थी चलाने में कोई दिक्कत नहीं आए। फिर उसने सोचा मैंने जो कुछ भी थोड़े बहुत पैसे जमा करे थे उसमें और पैसे डालकर में एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा खरीद लेता हूं। जिसमें में खेती करके फसल को बेचकर कुछ धन कमा पाऊंगा। लेकिन अब मैं और धन कहां से लाऊं मैं तो कुछ जानता  ही नहीं की और धन कहां से लाया...

daanveer राजा-शिवी चक्रवर्ती raja ki kahani hindi story in india 2018

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एक दानवीर राजा की कहानी  राजा-शिवी चक्रवर्ती   हाय ! दोस्तों कैसे हो ?  आशा करता हूँ की आप ठीक ही होंगे | दोस्तों आपने राजा - महाराजाओं के किस्से और  कहानी तो बहुत सुने होंगे | राजा महाराजा शाही तलवारों से लड़ते थे और शाही नियम पर ही चलते थे | उन राजाओ में से एक राजा की कहानी बताने जा रहा हूँ | जो बहुत दानी (दान देने वाला) राजा था | वह प्रतिदिन गरीबो के लिए दान किया करता था | राजा की एक रानी थी जिसके एक लड़का था | रानी बहुत बीमार रहती थी | एक दिन वह रानी मर गयी | अब राजा अकेला हो गया था | उसके एक लड़का था | वह लड़का भी अपने पिता की तरह वचनों का पालन करता था | एक बार राजकुमार कुछ बच्चो के साथ खेल रहा था | लेकिन बच्चो के साथ खेलते खेलते वह जंगल की तरफ बढ़ता जा रहा था | सभी बच्चे लुका - छुपी खेल रहे थे जिसमे सभी बच्चे छिप जाते थे और एक बच्चा सभी को ढूंढ़ता था | एक बार सभी बच्चे छिप गए और इधर राजकुमार भी छिप गया | राजकुमार एक झाडी के पीछे छिप गया और जो उसको ढूंढ रहा था | राजकुमार उसको ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा था | लेकिन राजकुमार को वह लड़का नहीं मिल...

chhoti chidiya ki kahani hindi story in india

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छोटी चिड़िया की कहानी हिंदी स्टोरी  होम  पर जाये  नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मोहन है में राजस्थान का रहने वाला हूँ मुझे हिंदी कहानी लिखने का बड़ा शॉक है | इसलिए में आप लोगो को पढ़ने के लिए कहानी लिखते रहता हूँ | आज की कहानी एक छोटी चिड़िया की कहानी है | इस कहानी में छोटी चिड़िया बहुत दुखी रहती है | आखिर में उसका दुःख एक कटफोवड़ा दूर करता है | दोस्तों अब कहानी शुरू करता हूँ | दोस्तों कहानी पूरी पढ़ना है तभी आपको कहानी पढ़ने में मजा आएगा | एक जंगल में एक  बहुत पुराना पेड़ था जिस पर  पक्षियों के घोंसले थे | उसी पेड़ पर एक छोटी सी चिड़िया का घोंसला बना हुआ था वह चिड़िया दिन भर अपना पेट भरकर शाम को अपने घोसले में आ जाती थी | एक दिन उस चिड़िया ने दो अंडे दिए अब चिड़िया बहुत खुश थी अचानक से वह पेड़ जोर जोर से हिलने लगा | तभी उस छोटी चिड़िया के घोसले से एक अंडा नीचे गिर गया | चिड़िया ने जब नीचे देखा तो उसका अंडा जमीन पर गिरकर टूट गया | और उसने देखा की जिस पेड़ पर उसका घोसला बना हुआ था उस पेड़ को एक हाथी हिला रहा था | जिसके कारण वह अंडा गिर गया था चि...

राजा रग - हिंदी कहानी

ramayan ki suruaat kahan se hui? पार्ट   1 ,    2 हमारी सभी कहानी यहाँ से पढ़ सकते हैं पढ़ने के लिए  यहाँ  क्लिक करे  राजा रग - हिंदी कहानी  नमस्कार दोस्तों में आज एक ऐसी कहानी लेकर आया हु जो बिलकुल सच है कहानी बहुत दिनो पहले की है |किसी राज्य में एक राजा राज्य करता था उसका नाम रग था राजा के कोई संतान नहीं थी राजा इस बात को लेकर चिंता में डूबा हुआ था जिसके कारण वो रोज पंडितो को अपने महल में बुलाकर पोछते रहते थे और उनको दान दक्षिणा देते थे |  एक दिन एक गरीब पंडित उसके महल में पहुंच गया जब वह महल में पंहुचा तो उसने देखा की वह पर बहुत सारे पंडित थे और राजा उनसे पूछ रहे थे की हमारे जीवन में संतान का सुख है या नहीं | मनुष्य का आभूषण  महान व्यक्ति रविन्द्रनाथ टैगोर  अशफाक उल्लाह खां और रामप्रसाद बिस्मिल की गहरी दोस्ती  महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र राय की जीवनी सत पुरुषो की सादगी एवं निर्भीकता इस्लाम धर्म में और हिन्दू धर्म में गाय की उपयोगिता  पंडितो ने उसको कुछ न कुछ इधर उधर की बातें...

ravan ka janm

 दोस्तों आपने रामायण तो देखी या सुनी होगी जिसमे राम  रावण का वध करता है, क्या आपको पता है रावण का जन्म कैसे हुआ ? नहीं जानते तो में आपको आज रावण के जन्म के बारे में बताऊंगा की केसे रावण का जन्म हुआ | दोस्तों एक राजा था जिसका नाम  विशेषक था उसकी शादी नहीं हुई थी वह रोजाना शिकार के लिए जाया करते थे एक दिन उसको भाग्यमाता मिल जाती है उसको देख कर राजा उसके पास गया और कहने लगा हे माता आपने मेरी जोड़ी किसके साथ लिखी है मेरा जीवनसाथी कौन है | विशेषक और भाग्य माता  वार्तालाप हमारी सभी कहानी यहाँ से पढ़ सकते हैं पढ़ने के लिए  यहाँ  क्लिक करे  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म   पार्ट - 1 राजा की बात सुनकर भाग्यमाता कहने लगी विशेषक मेने तुम्हारी जोड़ी एक धोबी की लड़की के साथ लिखी है तुम्हारी शादी धोबी की लड़की से ही होगी | राजा ने कहा नहीं तुम झूठ बोल रही हो मैं पंडित होकर एक धोबी की लड़की से शादी नहीं करूंगा | में देखूँगा कैसे होती है मेरी शादी धोबी की लड़की से शादी | दोस्तों राजा अपने महल ने पहुँच गया और न...