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जिस स्टोरी को पढना चाहते हो उस पर क्लिक करें छोटी बच्ची की समय यात्रा की कहानी - time traval story  लॉकडाउन में गरीब अपना पेट कैसे भरें। दो दोस्त कैसे बने दुश्मन तीन बुद्धिमान दोस्तों की कहानी माता-पिता से ज्यादा अच्छा दोस्त दुनिया में कोई नहीं।  चोर के घर भी हुई चोरी।  माता पिता के मरने के बाद दी उन्हें इज्जत। आलसी किसान को सिखाया उसके बेटे ने सबक। सच्चे प्यार का दर्दनाक अंत हिंदी फुल स्टोरी  एक कुम्हार देश की मिटटी से गरीब से अमीर बन गया   उदित की कड़ी मेहनत रंग लाई  एक सच्चे प्यार की अनोखी प्रेम कहानी  कामयाबी की ऊँची उड़ान और नीचे गिरने का डर  रूचि जवानी में कदम रखने के बाद बचपन ना छोड़ पाई  गीता की बहादुरी गीता का आत्मविशास - 2021 मन में बचपन की बातें- 1  मन में बचपन की बातें -2  मन में बचपन की बातें -3  मन में बचपन की बातें पार्ट - 4  छोटी बच्ची की बड़ी कहानी - 1 छोटी बच्ची की बड़ी कहानी - 2 छोटी बच्ची की बड़ी कहानी - 3 बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 2 अपने भाग्य का फल  ...

ईद का त्यौहार भाईचारे का संदेशवाहक 'मुस्लिम धर्म'

ईद का त्यौहार भाईचारे का संदेशवाहक 'मुस्लिम धर्म'  आप सभी को ईद की हार्दिक सुभकामनाये  सच्चे प्यार का दर्दनाक अंत हिंदी फुल स्टोरी  हाय !दोस्तों आप सभी को ईद की हार्दिक मुबारकबाद | दोस्तों ईद का त्यौहार हमारे देश में भाईचारा का सन्देशा देती है | ईद का त्यौहार इस्लाम धर्म का एक बहुत बड़ा त्यौहार है | रमजान के 30 रोजों के बाद चाँद देखकर ईद मनाई जाती है। इसे लोग ईद-उल-फितर भी कहते हैं। इस्लामिक कैलेंडर में दो ईद मनाई जाती है। दूसरी ईद जो ईद-उल-जुहा या बकरीद के नाम से भी जानी जाती है।  इस्लाम के धार्मिक आधार - इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब थे। इसलिए धर्म का विकास 7वीं सदी में अरब में हुआ था। इस्लाम का शाब्दिक अर्थ है - ईश्वर के प्रति प्रणति अर्थात धार्मिक आत्मसमर्पण की शिक्षा देना।  इसके लिए पांच धार्मिक आधार हैं जो नीचे बताये गए हैं - मत का उच्चारण - इस्लाम का पहला आधार इसके धार्मिक मत का उच्चारण है। हर एक धर्म में कुछ प्रक्रियाएँ होती है जिनका स्पष्टीकरण भिन्न -भिन्न रूपों में किया जाता है। इसकी अभिव्यक्ति केवल एक वाक्य में की ज...

daanveer राजा-शिवी चक्रवर्ती raja ki kahani hindi story in india 2018

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एक दानवीर राजा की कहानी  राजा-शिवी चक्रवर्ती   हाय ! दोस्तों कैसे हो ?  आशा करता हूँ की आप ठीक ही होंगे | दोस्तों आपने राजा - महाराजाओं के किस्से और  कहानी तो बहुत सुने होंगे | राजा महाराजा शाही तलवारों से लड़ते थे और शाही नियम पर ही चलते थे | उन राजाओ में से एक राजा की कहानी बताने जा रहा हूँ | जो बहुत दानी (दान देने वाला) राजा था | वह प्रतिदिन गरीबो के लिए दान किया करता था | राजा की एक रानी थी जिसके एक लड़का था | रानी बहुत बीमार रहती थी | एक दिन वह रानी मर गयी | अब राजा अकेला हो गया था | उसके एक लड़का था | वह लड़का भी अपने पिता की तरह वचनों का पालन करता था | एक बार राजकुमार कुछ बच्चो के साथ खेल रहा था | लेकिन बच्चो के साथ खेलते खेलते वह जंगल की तरफ बढ़ता जा रहा था | सभी बच्चे लुका - छुपी खेल रहे थे जिसमे सभी बच्चे छिप जाते थे और एक बच्चा सभी को ढूंढ़ता था | एक बार सभी बच्चे छिप गए और इधर राजकुमार भी छिप गया | राजकुमार एक झाडी के पीछे छिप गया और जो उसको ढूंढ रहा था | राजकुमार उसको ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा था | लेकिन राजकुमार को वह लड़का नहीं मिल...

dosti se dushmani ka khulasha full story in hindi

दोस्ती से दुश्मनी का खुलाशा  नमस्कार दोस्तों आज में एक ऐसी कहानी लेकर आया हूँ जो दोस्ती और दुश्मनी की बीच की कहानी है | इसमें एक दोस्ती में दुश्मनो का पर्दा फाश होता है | इस कहानी में कौन किसका दोस्त है किसका दुश्मन है वो इस कहानी के जरिये हम जानेंगे | शुरू करने से पहले में  आपसे निवेदन करता हूँ की कहानी को पूरी पढ़े ताकि आपको कहानी अच्छी तरह से समझ में आ जाये |  आईये शुरू करते हैं ... दिलेर अपने घर में कुछ तैयारी करता है वह कहीं जा रहा होता है | पहले में उसके बारे में बता दूँ वो एक सरदार का लड़का है उसकी उम्र अभी कुछ 19 ईयर के लगभग है,अब कहानी शुरू करता हूँ। ..  तभी डोर वेल बजती है तो वह दरवाजा खोलने के लिए जाता है | वह देखता है की उसका दोस्त पंकज आया है वह बाइक से आया है उसका नाम पंकज है | यह दिलेर का बहुत अच्छा दोस्त है , पंकज - यार अभी तक तैयार नहीं हुए चलो जल्दी चलो देर हो रही है, कुछ तैयारियां करने के बाद दोनों चल देते हैं वो दोनों शहर से निकलकर एक गाँव में जा पहुंचे और वहां उनका एक दोस्त थ...

पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य - full story

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नमस्कार दोस्तों आज की कहानी पुरानी हवेली की गुफा के रहस्य के बारे में है दोस्तों इस कहानी में एक गुफा के रहस्य का राज का खुलाशा होता है। दोस्तों अब में ये कहानी शुरू करता हूँ।         एक गाँव में दो दोस्त रहते थे दोनों की अच्छी मित्रता थी | एक का नाम हेमन्द्र था तथा दुसरे का नाम प्रसान्त था दोनों साथी एक दुसरे का अच्छा साथ निभाते थे | एक बार हेमंद्र गाँव से शहर जाने के लिए अपने दोस्त से कहने लगा यार प्रसान्त में शहर को जाने वाला हूँ ताकि में कुछ शहर से पेसे कमाकर ला सकूँ | तुम मेरी माँ का ख्याल रखना क्योकि मेरी माँ बहुत बीमार है |उसके दोस्त ने कहा हेमंद्र तुम इस बात की बिलकुल भी चिंता मत करना क्योकि तेरी माँ की देखभाल में अपनी माँ की तरह करूंगा | तुम चिंता को दूर करके शहर को जाइये और अपना ख्याल रखना | हेमंद्र शहर चला गया उधर हेमंद्र शहर में जाकर काम की तलाश कर रहा था तो उसे एक आदमी ने काम दे दिया | हेमंद्र को काम मिलने से वह बहुत खुश हुआ और आदमी ने हेमंद्र को काम दिया की वो एक एक खंडर की सफाई करे जिसके बदले में उसे दो सौ रुपये मिलने थे हेमंद्र ने हाँ कर दिया | ...

ravan ka janm

 दोस्तों आपने रामायण तो देखी या सुनी होगी जिसमे राम  रावण का वध करता है, क्या आपको पता है रावण का जन्म कैसे हुआ ? नहीं जानते तो में आपको आज रावण के जन्म के बारे में बताऊंगा की केसे रावण का जन्म हुआ | दोस्तों एक राजा था जिसका नाम  विशेषक था उसकी शादी नहीं हुई थी वह रोजाना शिकार के लिए जाया करते थे एक दिन उसको भाग्यमाता मिल जाती है उसको देख कर राजा उसके पास गया और कहने लगा हे माता आपने मेरी जोड़ी किसके साथ लिखी है मेरा जीवनसाथी कौन है | विशेषक और भाग्य माता  वार्तालाप हमारी सभी कहानी यहाँ से पढ़ सकते हैं पढ़ने के लिए  यहाँ  क्लिक करे  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म   पार्ट - 1 राजा की बात सुनकर भाग्यमाता कहने लगी विशेषक मेने तुम्हारी जोड़ी एक धोबी की लड़की के साथ लिखी है तुम्हारी शादी धोबी की लड़की से ही होगी | राजा ने कहा नहीं तुम झूठ बोल रही हो मैं पंडित होकर एक धोबी की लड़की से शादी नहीं करूंगा | में देखूँगा कैसे होती है मेरी शादी धोबी की लड़की से शादी | दोस्तों राजा अपने महल ने पहुँच गया और न...

राजा बासिक और राजा परिक की कहानी

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बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  अपने भाग्य का फल  हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मोहन सिंह है में राजस्थान से हु दोस्तों मुझे कहानी लिखने का बड़ा शौक है इसलिए में रोजाना कुछ न कुछ लिखता रहता हूं | क्या आप सांप से जुड़े रहस्यों के बारे में जानते हो नहीं जानते तो में आपको इस कहानी के माध्यम से बताऊंगा | लेकिन आज जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो मेने सिर्फ लिखी है लेकिन ये कहानी मेरे दादाजी कहा करते थे जिसे मेंने  आप लोगो तक पहुचाई है ये कहानी सुनने के लिए रोजाना अपने दादाजी के बिस्तर पर उनके आने से पहले जाकर सो जाता था जब दादाजी आते तो में उनसे ये कहानी सुनाने को कहता था ये कहानी मुझे बहुत अच्छी लगती थी |  दोस्तों अब कहानी की तरफ चलते है    बात पुराने ज़माने की है जब राजाओ का राज हुआ करता था | एक राजा का नाम बासिक था तथा दुसरे राजा का नाम पारिक था  | दोनों राजाओ के एक भी संतान नहीं थी वे आपस में बहुत बैर रखते थे उनकी लड़ाई बहुत दिन से चल रही थी | कुछ न कुछ बात को लेकर उनकी लड़ाई हो जाती थी  एक दिन इधर से राजा बासिक चल दिया और उधर से राजा पारिक चल...

अपने भाग का फल

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अपने भाग्य का फल  ये भी पढ़ें -  अहिल्या का छल की कहानी  ईश्वर की परीक्षा का कडवा सत्य  रावण के जम्म की कहानी  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म  पार्ट - 1 बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  नमस्कार दोस्तों में आज लेकर आया हूँ  एक नई स्टोरी जिसमे अपना भाग्य देखा जाता है कहानी बहुत अच्छी है अब कहानी शुरू करता हूँ | एक राज्य में एक राजा राज्य करता था राजा बहुत घमंडी था  | उसके सात लडकीयाँ थी सातो लड़की बहुत सुन्दर थी | एक दिन राजा ने सभी लडकियों को एकत्र किया और अपनी बड़ी लडकी से पूछा तुम किसके भाग्य का खाती हो | लड़की ने तुरंत कहा पिताजी आपके भाग्य का खाती हूँ दूसरी लड़की से भी पुछा तो उसने भी यही जबाब दिया और फिर तीसरी, चौथी, पांचवी, छटी से भी पूछा तो उन सब ने भी यही जबाब दिया | आखिर में सातवी लड़की से भी पूछा तो उसने कहा पिताजी में तो अपने भाग्य का खाती हूँ |  ये बात सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया क्योकि उसको उसकी मर्जी का उत्तर नहीं मिला | उसने उससे कहा तुम अपने भाग्य का खात...

बैन बादशाह सहजादी की कहानी पार्ट - 2

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बैन बादशाह सहजादी - 2    पेज - 1    २  आपने पिछली पोस्ट में पढ़ा था ..... वजन को देख कर सोचने लगा इसमें तो कोई माल है इसे तो कुटिया में ले जा कर ही खोलुन्गा वो सीधा कुटिया में घुस गया| और उसको खोला तो देखा की लड़का लड़की दोनों अंगूठा पी रहे थे ऋषि ने सोचा ये मेने क्या कर लिया | अगर में इनको वापस छोड़ कर आऊ तो ये मेरा पाप होगा | इसलिए इनको पालने में ही भलाई होगी। अब आगे ... वह ऋषि उन दोनों बच्चो का पालन पोषण करने के लिए एक दूध देने वाली एक बकरी को ले आये क्योकि वे बच्चे बहुत छोटे थे माँ नहीं होने के कारण ऋषि उनके लिए एक बकरी लाये थे | बच्चे दिन दुगने रात चौगुने जवान होते चले गये | उस ऋषि ने सोचा अब ये अपना जीवन खुद जी सकते है इसलिए उनको एक मेले में ले जाकर उनको एक एक आइसक्रीम दिलाकर उनसे कहने लगा में अभी आता हूँ | ये बात कहकर वो उनकर छोड़कर घर आ गया | मेले में दोनों भाई बहन बाबा के आने का इन्तजार करने लगे लेकिन शाम तक बाबा नहीं आये तो दोनो भाई बहिन उसी बाबा की कुटिया में वापिस आ गए। वहा देखा तो बाबा वहां आराम से अपने काम में व्यस्त में थे  दोनो...