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अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। Part-3 Ajnavi hai par lagata hai apna saa rista

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 अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। Part-3  अगर आपने इस कहानी का पार्ट 2 नहीं पढ़ा है तो कृपया करके पहले part 2  पढ़ ले तभी कहानी समझ में आयेगी    अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता Part 2    अब कहानी आगे.. जैसे ही साधु मंदिर के अंदर चले गए वैसे ही उन्हें रवि एक कोने में बैठा हुआ दिखाई दिया। और उसके हाथ में रिया की तस्वीर थी और उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। और वह धीमी आवाज में अपने आपसे कह रहा था कि मैंने ऐसी कौन से गुनाह किए थे जिसकी सजा भगवान मुझे इस तरह से दे रहा है जिस पत्नी को मैंने अपनी जान से ज्यादा माना अपने से ज्यादा उसकी परवाह कि आज वही कहती है कि मैं तुम्हें नहीं जानती तुम मेरे पति नहीं हो ऐसा कैसा हो सकता है भगवान मेरे साथ तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। तभी साधु ने प्यार से उसके सिर पर हाथ रखा। और कहने लगे बेटा चिंता मत कर तेरी परेशानी अब जल्दी ही भगवान शिव दूर कर देंगे। क्योंकि तू जिसकी तलाश में यहां तक आ पहुंचा है जिसकी तस्वीर को निहार कर तू इस तरह रो रहा है वह मेरे पास है और सुरक्षित भी है बस फर्क इतना है कि वह तुझे पहचानने से इंकार कर रही है ...

अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। Part-5

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अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। He is a stranger but it seems like a relation of our own. भगवान से प्रार्थना करने के बाद रवि वापस रिया के पास चला गया। और दिन रात उसकी सेवा करने में लग गया उसका पूरा ध्यान रखता और रिया के चक्कर में वह अपना ध्यान रखना तो लगभग भूल ही गया था। और भगवान से बस यही प्रार्थना करता हूं कि भगवान मेरी रिया कि याददाश्त वापस दिला दें। और रवि की दुआ भी रंग लाई रिया को जब 2 दिन बाद होश आया तब उसे थोड़ा थोड़ा सब कुछ याद आने लगा था। उसे बस अभी इतना ही याद था कि वह दोनों घर से पहाड़ी पर दर्शन करने के लिए निकले थे और रास्ते में उनका एक कार एक्सीडेंट हो गया और जिसमें वह दोनों बिछड़ गए और रिया एक नदी में जाकर गिर गई और वह बहने लगी डूबने लगी नदी में फिर उसके बाद में जो कुछ भी हुआ वह भी उसे याद था। पर एक्सीडेंट से पहले की कोई भी बात उसे याद नहीं थी। जब रवि को इस बात का पता चला तो रवि को बहुत खुशी हुई कि कम से कम इसे इतना तो याद आया कि मैं इसका पति हूं और हम दोनों एक कार एक्सीडेंट में बिछड़ गए थे अब भगवान ने चाहा तो धीरे-धीरे करके इसे अपने परिवार के बारे में भी सब कुछ याद आ...

अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। ajnabi hai par lagta hai apna sa rista Part-4

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  अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। रवि साधु के पास गया। और कहने लगा रिया को पुरानी बातें याद दिलाना बहुत ही मुश्किल है। पता नहीं मैं यह सब कैसे कर पाऊंगा। कर भी पाऊंगा या नहीं मैं नहीं जानता। यह सुनकर साधु ने कहा। बेटा यह काम बहुत मुश्किल है तुम्हारे लिए मैं यह बात जानता हूं लेकिन नामुमकिन नहीं है। तुम कोशिश करते रहो देखना एक दिन तुम्हारी कोशिश जरूर कामयाब होगी और रिया को सारी पुरानी बातें याद आ जाएगी फिर वह तुम्हें भी पहचानने लगेगी और तुम्हारे साथ तुम्हारे परिवार में लौट जाएगी। ऐसा सुनकर रवि ने कहा बाबा तुम ठीक कहते हो मुझे अपनी कोशिश जारी रखनी चाहिए एक ना एक दिन मेरी कोशिश जरूर रंग लाएगी और रिया को सच में सब कुछ याद आ जाएगा उसकी याददाश्त वापस आ जाएगी और फिर मेरी जिंदगी दोबारा से खुशहाल हो जाएगी। फिर रवि वापस रिया के पास चला गया। और रिया से कहने लगा। कि तुम मुझे यह बताओ तुम्हें खाने में क्या क्या पसंद है तुम्हें कौन सा रंग पसंद है कौन से फूल पसंद है अपनी पसंद ना पसंद मुझे सब कुछ बताओ। तब रिया ने कहा मेरी पसंद ना पसंद मुझे खुद भी याद नहीं है। मुझे लगता है बाबा ने जो कहा था वह सच...

एक दुखद प्रेम कहानी: सच्चे प्यार की दर्दनाक दास्तान"

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कहानी शीर्षक: "एक दुखद प्रेम कहानी: सच्चे प्यार की दर्दनाक दास्तान" कहानी: मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में ऐसा दिन आएगा जब मैं अपने सच्चे प्यार से बिछुड़ जाऊंगा। लेकिन यही हुआ। मेरी प्रेम कहानी एक दुखद प्रेम कहानी बन गई। मैंने अपने प्रेमी से पहली बार कॉलेज में मिला था। हम दोनों एक ही क्लास में पढ़ते थे। मैंने उसे पहली बार देखा तो मुझे लगा कि वह मेरा दिल चुरा लेगा। उसकी मुस्कान में एक अजीब सी जादू था जो मुझे उसकी ओर खींचता था। हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आए। हमने एक दूसरे को अपने दिल की बातें बताईं। मैंने उसे अपने सपनों के बारे में बताया। उसने मुझे अपने सपनों के बारे में बताया। लेकिन हमारे प्यार को हमारे परिवार ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने हमें अलग करने की कोशिश की। लेकिन हमने हार नहीं मानी। हमने एक दूसरे के साथ रहने का फैसला किया। लेकिन किस्मत ने हमारे साथ धोखा किया। मेरे प्रेमी को एक दिन एक दुर्घटना में जान से मारा गया। मैं उस दिन अपने दिल को तोड़ दिया था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने प्रेमी के बिना जी पाऊंगी। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैंने अपने प...

अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता ajnavi hai par lagta hai apna sa rista Part-1

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 अजनबी है पर लगता है अपना सा रिश्ता। Part-1 यह कहानी है रिया और रवि की। रिया और रवि पहले से ही शादीशुदा थे। उनकी शादीशुदा जिंदगी बहुत अच्छे से गुजर रही थी। 1 दिन रिया और रवि दोनों शादी के बाद दर्शन करने किसी पहाड़ी पर बने मंदिर के दर्शन करने के लिए अपनी कार से जा ही रहे थे कि रास्ते में किसी दूसरी कार की टक्कर लगने की वजह से उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया। जिससे उनकी कार का बैलेंस बिगड़ गया। और उस कार एक्सीडेंट में रिया कार से निकलकर बहती नदी में जा गिरी। जो  नदी पहाड़ी पर जाने वाले रोड के बराबर में बह रही थी। रिया नदी में बह जाने के कारण बहुत दूर जा चुकी थी। और नदी के किनारे बसी एक दूसरी बस्ती की तरफ को जाकर रुक  गई थी। जिसकी वजह से वह रवि से बिछड़ गई थी। रवि ने रिया को ढूंढने की बहुत कोशिश की पर रिया उसे नहीं मिल पाई। रवि को रिया की चिंता होने लगी और वह पुलिस स्टेशन चला गया और रिया के  गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखा दी। और अपने परिवार के पास चला गया। और परिवार वालों को सारी बात बता दी। और साथ में यह भी बता दिया कि उसने पुलिस में रिपोर्ट भी लिखवा दी है रिया के गुमशुदा ह...