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मार्च, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राजा बासिक और राजा परिक की कहानी

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बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  अपने भाग्य का फल  हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मोहन सिंह है में राजस्थान से हु दोस्तों मुझे कहानी लिखने का बड़ा शौक है इसलिए में रोजाना कुछ न कुछ लिखता रहता हूं | क्या आप सांप से जुड़े रहस्यों के बारे में जानते हो नहीं जानते तो में आपको इस कहानी के माध्यम से बताऊंगा | लेकिन आज जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो मेने सिर्फ लिखी है लेकिन ये कहानी मेरे दादाजी कहा करते थे जिसे मेंने  आप लोगो तक पहुचाई है ये कहानी सुनने के लिए रोजाना अपने दादाजी के बिस्तर पर उनके आने से पहले जाकर सो जाता था जब दादाजी आते तो में उनसे ये कहानी सुनाने को कहता था ये कहानी मुझे बहुत अच्छी लगती थी |  दोस्तों अब कहानी की तरफ चलते है    बात पुराने ज़माने की है जब राजाओ का राज हुआ करता था | एक राजा का नाम बासिक था तथा दुसरे राजा का नाम पारिक था  | दोनों राजाओ के एक भी संतान नहीं थी वे आपस में बहुत बैर रखते थे उनकी लड़ाई बहुत दिन से चल रही थी | कुछ न कुछ बात को लेकर उनकी लड़ाई हो जाती थी  एक दिन इधर से राजा बासिक चल दिया और उधर से राजा पारिक चल...

अपने भाग का फल

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अपने भाग्य का फल  ये भी पढ़ें -  अहिल्या का छल की कहानी  ईश्वर की परीक्षा का कडवा सत्य  रावण के जम्म की कहानी  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म  पार्ट - 1 बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  नमस्कार दोस्तों में आज लेकर आया हूँ  एक नई स्टोरी जिसमे अपना भाग्य देखा जाता है कहानी बहुत अच्छी है अब कहानी शुरू करता हूँ | एक राज्य में एक राजा राज्य करता था राजा बहुत घमंडी था  | उसके सात लडकीयाँ थी सातो लड़की बहुत सुन्दर थी | एक दिन राजा ने सभी लडकियों को एकत्र किया और अपनी बड़ी लडकी से पूछा तुम किसके भाग्य का खाती हो | लड़की ने तुरंत कहा पिताजी आपके भाग्य का खाती हूँ दूसरी लड़की से भी पुछा तो उसने भी यही जबाब दिया और फिर तीसरी, चौथी, पांचवी, छटी से भी पूछा तो उन सब ने भी यही जबाब दिया | आखिर में सातवी लड़की से भी पूछा तो उसने कहा पिताजी में तो अपने भाग्य का खाती हूँ |  ये बात सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया क्योकि उसको उसकी मर्जी का उत्तर नहीं मिला | उसने उससे कहा तुम अपने भाग्य का खात...

बैन बादशाह सहजादी की कहानी - full story

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बैन बादशाह सहजादी  नमस्कार दोस्तों आज में एक बैन बादशाह की सहजादी द्वारा सुनाई हुई कहानी बताने जा रहा हूँ कहानी  पुराने ज़माने की है  एक राज्य में एक राजा राज करता था | राजा की सात रानी थी  लेकिन किसी भी रानी के एक भी लड़का या लड़की नहीं थी | राजा इस चिंता में डूबा हुआ था अगर उसके एक भी संतान नहीं होगी तो राजगद्दी खाली रह जायेगी | इस चिंता को लेकर राजा एक और रानी की तलास में निकल पड़ा यानी राजा आठवी रानी करने के लिए चल दिया | रास्ते में उसे एक लड़की ने आवाज लगाई  राजा ने पीछे मुड़कर देखा तो वह लड़की बीरसिंह जाट की पुत्री थी |  राजा ने पुछा  क्या बात है  तो लड़की बोली महाराज सुना है आप आठवी रानी की तलाश में जा रहे हो | राजा कहने लगा आपने ठीक सुना है, में आठवीं रानी की तलाश में जा रहा हूँ | लड़की ने कहा  मुझे आप अपनी रानी बना लीजिये क्योकि मुझे एक लड़का और एक लड़की पैदा  होने का वरदान मिला है | राजा ने कहा अगर ऐसा नहीं हुआ तो ? लड़की बोली अगर ऐसा नहीं हुआ तो आप मुझे जो चाहे सजा दे सकते हो | राजा ने कहा ठीक है में आपसे विवाह  करने के लिए तैय...

बैन बादशाह सहजादी की कहानी पार्ट - 2

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बैन बादशाह सहजादी - 2    पेज - 1    २  आपने पिछली पोस्ट में पढ़ा था ..... वजन को देख कर सोचने लगा इसमें तो कोई माल है इसे तो कुटिया में ले जा कर ही खोलुन्गा वो सीधा कुटिया में घुस गया| और उसको खोला तो देखा की लड़का लड़की दोनों अंगूठा पी रहे थे ऋषि ने सोचा ये मेने क्या कर लिया | अगर में इनको वापस छोड़ कर आऊ तो ये मेरा पाप होगा | इसलिए इनको पालने में ही भलाई होगी। अब आगे ... वह ऋषि उन दोनों बच्चो का पालन पोषण करने के लिए एक दूध देने वाली एक बकरी को ले आये क्योकि वे बच्चे बहुत छोटे थे माँ नहीं होने के कारण ऋषि उनके लिए एक बकरी लाये थे | बच्चे दिन दुगने रात चौगुने जवान होते चले गये | उस ऋषि ने सोचा अब ये अपना जीवन खुद जी सकते है इसलिए उनको एक मेले में ले जाकर उनको एक एक आइसक्रीम दिलाकर उनसे कहने लगा में अभी आता हूँ | ये बात कहकर वो उनकर छोड़कर घर आ गया | मेले में दोनों भाई बहन बाबा के आने का इन्तजार करने लगे लेकिन शाम तक बाबा नहीं आये तो दोनो भाई बहिन उसी बाबा की कुटिया में वापिस आ गए। वहा देखा तो बाबा वहां आराम से अपने काम में व्यस्त में थे  दोनो...

छोटी बच्ची की बड़ी कहानी- 3

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छोटी बच्ची की बड़ी कहानी पार्ट- 3  पिछले पजे में आपने पढ़ा ... उन किडनैपरों को पकड लिया थोड़ी देर में इन्स्पेक्टर भी वहां पहुच गया | और तीनो को जेल में बंद करके उनसे पूछताछ की तो वे पहले तो सही नहीं बता रहे थे | लेकिन मार लगने पर वे सही सही बताने लगे की वे लोग क्या करते है इतनी देर में उस बूढ़े आदमी को भी ले आये तो उसने बताया की वह एक गरीब आदमी है उसने इनकी बात पैसो के लिए मानी थी क्योकि उसे आपनी पत्नी का इलाज करवाना था | अब इन्स्पेक्टर ने कुछ सोचा और उन तीन किडनैपरो को एक अलग रूम में लेकर गया | उनसे पूछताछ की कि वे कोन है और क्या नाम है कहां के रहने वाले है अब आगे पढ़े .. उन्होंने बताया तो वे रमेश के घर से दो घर छोड़कर तीसरा घर उनका मकान था | वो ये काम भी मजबूरी में कर रहे थे | क्योकि उनके बच्चे भी उन आतंकवादियों के पास कैद थे | उनको छुड़ाने के लिए वे और बच्चो को किडनैप करके लेकर गए थे जिनमे रमेश की बच्ची भी शामिल थी | आतंकवादी लोग उनसे पैसो की भी बोल रहे थे की या तो पैसा या बच्चे कोई एक चीज दोगे तो उनके बच्चे वापस मिल जायेंगे | उन तीनो के पास इतनी रकम नहीं थी इसलिए बच्चो...

छोटी बच्ची की बड़ी कहानी 2

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छोटी बच्ची की बड़ी कहानी 2 page 1 2 3  दोस्तों हमने पिछले भाग में पढ़ा था - ....रमेश निराशा लेकर उस हाइवे पर तेजी से गाडी भागने लगा उसे ये भी नहीं पता चला की गाड़ी कोनसी साईड गई है बहुत देर तक गाड़ी भगाने पर भी वह वहां पर दिखाई नहीं दी। और अब आगे  फिर थोड़ी ही दूर पुलिस टेशन था | वहा पर उसने रिपोर्ट लिखवाई तो एक पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा, हमारी पूरी कोशिस से हम तुम्हारी बेटी को ढूंड निकालेंगे | अब रमेश वापिस हास्पिटल की तरफ आया और अपनी पत्नी और दीपक को लेकर घर की तरफ जाने लगा तो उसकी पत्नी और दीपक को लेकर घर की तरफ जाने लगा तो उसकी पत्नी सुनीता बोली बच्ची कहाँ है, कहाँ लेकर गए वो लोग, कौन है वो, उसको क्यों उठा कर ले गए | रमेश को जितना पता था उसने सब बता दिया | सुनीता रोने लगी और तीनो बहुत दुखी थे और घर की तरफ चल पड़े |   रमेश ने कहा में तुमको घर छोड़ देता हु तुम घर से बहार मत निकलना जब तक में नहीं आ जाऊ | रमेश में उन दोनों को घर छोड़ कर गाडी वापस उसी हॉस्पिटल की तरफ घुमा ली और उसी दिशा में चला गया जिस दिशा में उस पूनम को लेकर गए थे | चलते चलते रमेश उसी हाइवे पर च...