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पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य - full story

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नमस्कार दोस्तों आज की कहानी पुरानी हवेली की गुफा के रहस्य के बारे में है दोस्तों इस कहानी में एक गुफा के रहस्य का राज का खुलाशा होता है। दोस्तों अब में ये कहानी शुरू करता हूँ।         एक गाँव में दो दोस्त रहते थे दोनों की अच्छी मित्रता थी | एक का नाम हेमन्द्र था तथा दुसरे का नाम प्रसान्त था दोनों साथी एक दुसरे का अच्छा साथ निभाते थे | एक बार हेमंद्र गाँव से शहर जाने के लिए अपने दोस्त से कहने लगा यार प्रसान्त में शहर को जाने वाला हूँ ताकि में कुछ शहर से पेसे कमाकर ला सकूँ | तुम मेरी माँ का ख्याल रखना क्योकि मेरी माँ बहुत बीमार है |उसके दोस्त ने कहा हेमंद्र तुम इस बात की बिलकुल भी चिंता मत करना क्योकि तेरी माँ की देखभाल में अपनी माँ की तरह करूंगा | तुम चिंता को दूर करके शहर को जाइये और अपना ख्याल रखना | हेमंद्र शहर चला गया उधर हेमंद्र शहर में जाकर काम की तलाश कर रहा था तो उसे एक आदमी ने काम दे दिया | हेमंद्र को काम मिलने से वह बहुत खुश हुआ और आदमी ने हेमंद्र को काम दिया की वो एक एक खंडर की सफाई करे जिसके बदले में उसे दो सौ रुपये मिलने थे हेमंद्र ने हाँ कर दिया | ...

ravan ka janm

 दोस्तों आपने रामायण तो देखी या सुनी होगी जिसमे राम  रावण का वध करता है, क्या आपको पता है रावण का जन्म कैसे हुआ ? नहीं जानते तो में आपको आज रावण के जन्म के बारे में बताऊंगा की केसे रावण का जन्म हुआ | दोस्तों एक राजा था जिसका नाम  विशेषक था उसकी शादी नहीं हुई थी वह रोजाना शिकार के लिए जाया करते थे एक दिन उसको भाग्यमाता मिल जाती है उसको देख कर राजा उसके पास गया और कहने लगा हे माता आपने मेरी जोड़ी किसके साथ लिखी है मेरा जीवनसाथी कौन है | विशेषक और भाग्य माता  वार्तालाप हमारी सभी कहानी यहाँ से पढ़ सकते हैं पढ़ने के लिए  यहाँ  क्लिक करे  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म   पार्ट - 1 राजा की बात सुनकर भाग्यमाता कहने लगी विशेषक मेने तुम्हारी जोड़ी एक धोबी की लड़की के साथ लिखी है तुम्हारी शादी धोबी की लड़की से ही होगी | राजा ने कहा नहीं तुम झूठ बोल रही हो मैं पंडित होकर एक धोबी की लड़की से शादी नहीं करूंगा | में देखूँगा कैसे होती है मेरी शादी धोबी की लड़की से शादी | दोस्तों राजा अपने महल ने पहुँच गया और न...

ईश्वर की परीक्षा का कड़वा सत्य- hindi kahani full story

ईश्वर की परीक्षा का कड़वा सत्य   home बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 2 अपने भाग्य का फल  राजा बासिक और राजा परिक की कहानी  ek village me teen vyakti rahate the . jinme ek aadmi ganja tha . dusra langda, or teesra aasdmi andha tha. vo teeno aadmi bahut gareeb the aur apni gareebi ko dekh kar bahut dukhi the. isvar unki pariksha lena chahate the ki ye kese vyakti hai kitna rang badal sakte hai to isvar ne ek aadmi ka roop dharan karke dharti par aaye aur jo aadmi ganja tha usse esvar poochhne lage tum kya chahate ho tumhari kya iksha hai  tumhare pass kis cheej ki kami hai jo tum hasil karna chahate ho vo tum mujhe batao . vo ganja bola meri iksha hai ki mere pass bahut sari gaay (cow) ho me bahut saari gaayo ka malik ban jaau to us vyakti ko isvar ne bahut saari gaay dedi . jitni uski iksha thi  or usko aapna roop dikhaya or kaha "me isvar hoo mujhe  tumhari garibi dekhi nahi gayi isliye madad karne chala aaya . vaha se aa...

अहिल्या का छल - hindi kahani

अहिल्या का छल  अहिल्या केसे बनी पत्थर  की मूरत home   ईश्वर की परीक्षा का कडवा सत्य  रावण के जम्म की कहानी  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  नमस्कार दोस्तों क्या आप जानते है आहिल्या के छल के बारे में | नहीं जानते तो आज में इस पोस्ट में बताऊंगा की केसे अहिल्या के साथ छल हुआ था | एक बार की बात है भगवान इंद्र सभा में बैठे हुए थे तो उन्होंने चन्द्र देव से पूछा चन्द्रदेव सबसे सुन्दर स्त्री कोन है उसे बताओ | चंद्रमा ने कुछ सोचा और कहा महाराज सबसे सुन्दर स्त्री पृथ्वी लोक पर गौतम ऋषि की पत्नी आहिल्या है वही सबसे सुन्दर है क्योकि मेरी चमक उसकी सुन्दरता की चमक एक मिल जाती है | भगवान इंद्र कहने लगे वो सबसे सुन्दर है तो मुझे उसके साथ छल करना है | आप ये स्टोरी डेली स्टोरी मेकर पर पढ़ रहे हैं इंद्र ने कहा और आपको भी मेरे साथ पृथ्वी लोक  चलना पड़ेगा, चन्द्रमा ने कहा ठीक है | दोनों पृथ्वी लोक चल दिए | इधर गौतम ऋषि का रोजाना चार बजे गंगा नदी में नहाने का नियम था और वो सुबह जल्दी नहाने जाता था | इंद्र ने चंद्रमा से कहा की तुम एक मुर्गा बनकर एक मुर...

राजा बासिक और राजा परिक की कहानी

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बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  अपने भाग्य का फल  हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मोहन सिंह है में राजस्थान से हु दोस्तों मुझे कहानी लिखने का बड़ा शौक है इसलिए में रोजाना कुछ न कुछ लिखता रहता हूं | क्या आप सांप से जुड़े रहस्यों के बारे में जानते हो नहीं जानते तो में आपको इस कहानी के माध्यम से बताऊंगा | लेकिन आज जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो मेने सिर्फ लिखी है लेकिन ये कहानी मेरे दादाजी कहा करते थे जिसे मेंने  आप लोगो तक पहुचाई है ये कहानी सुनने के लिए रोजाना अपने दादाजी के बिस्तर पर उनके आने से पहले जाकर सो जाता था जब दादाजी आते तो में उनसे ये कहानी सुनाने को कहता था ये कहानी मुझे बहुत अच्छी लगती थी |  दोस्तों अब कहानी की तरफ चलते है    बात पुराने ज़माने की है जब राजाओ का राज हुआ करता था | एक राजा का नाम बासिक था तथा दुसरे राजा का नाम पारिक था  | दोनों राजाओ के एक भी संतान नहीं थी वे आपस में बहुत बैर रखते थे उनकी लड़ाई बहुत दिन से चल रही थी | कुछ न कुछ बात को लेकर उनकी लड़ाई हो जाती थी  एक दिन इधर से राजा बासिक चल दिया और उधर से राजा पारिक चल...

अपने भाग का फल

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अपने भाग्य का फल  ये भी पढ़ें -  अहिल्या का छल की कहानी  ईश्वर की परीक्षा का कडवा सत्य  रावण के जम्म की कहानी  पुरानी हवेली की गुफा का रहस्य  राजा रग की कहानी और राजा दशरथ का जन्म  पार्ट - 1 बैन बादशाह शहजादी की कहानी पार्ट - 1  नमस्कार दोस्तों में आज लेकर आया हूँ  एक नई स्टोरी जिसमे अपना भाग्य देखा जाता है कहानी बहुत अच्छी है अब कहानी शुरू करता हूँ | एक राज्य में एक राजा राज्य करता था राजा बहुत घमंडी था  | उसके सात लडकीयाँ थी सातो लड़की बहुत सुन्दर थी | एक दिन राजा ने सभी लडकियों को एकत्र किया और अपनी बड़ी लडकी से पूछा तुम किसके भाग्य का खाती हो | लड़की ने तुरंत कहा पिताजी आपके भाग्य का खाती हूँ दूसरी लड़की से भी पुछा तो उसने भी यही जबाब दिया और फिर तीसरी, चौथी, पांचवी, छटी से भी पूछा तो उन सब ने भी यही जबाब दिया | आखिर में सातवी लड़की से भी पूछा तो उसने कहा पिताजी में तो अपने भाग्य का खाती हूँ |  ये बात सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया क्योकि उसको उसकी मर्जी का उत्तर नहीं मिला | उसने उससे कहा तुम अपने भाग्य का खात...

बैन बादशाह सहजादी की कहानी - full story

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बैन बादशाह सहजादी  नमस्कार दोस्तों आज में एक बैन बादशाह की सहजादी द्वारा सुनाई हुई कहानी बताने जा रहा हूँ कहानी  पुराने ज़माने की है  एक राज्य में एक राजा राज करता था | राजा की सात रानी थी  लेकिन किसी भी रानी के एक भी लड़का या लड़की नहीं थी | राजा इस चिंता में डूबा हुआ था अगर उसके एक भी संतान नहीं होगी तो राजगद्दी खाली रह जायेगी | इस चिंता को लेकर राजा एक और रानी की तलास में निकल पड़ा यानी राजा आठवी रानी करने के लिए चल दिया | रास्ते में उसे एक लड़की ने आवाज लगाई  राजा ने पीछे मुड़कर देखा तो वह लड़की बीरसिंह जाट की पुत्री थी |  राजा ने पुछा  क्या बात है  तो लड़की बोली महाराज सुना है आप आठवी रानी की तलाश में जा रहे हो | राजा कहने लगा आपने ठीक सुना है, में आठवीं रानी की तलाश में जा रहा हूँ | लड़की ने कहा  मुझे आप अपनी रानी बना लीजिये क्योकि मुझे एक लड़का और एक लड़की पैदा  होने का वरदान मिला है | राजा ने कहा अगर ऐसा नहीं हुआ तो ? लड़की बोली अगर ऐसा नहीं हुआ तो आप मुझे जो चाहे सजा दे सकते हो | राजा ने कहा ठीक है में आपसे विवाह  करने के लिए तैय...