AF-108 का रहस्य: एक विरासत, एक धोखा और एक छुपा हुआ सच | Secret Amirejada Episode 2
रूहगढ़ की हवेली में छिपे सुराग – सीक्रेट अमीरजादा, एपिसोड 2
Series: सीक्रेट अमीरजादा
Author: Mohan Singh
Category: रहस्य, थ्रिलर, विरासत
दिल्ली से निकलने के बाद सौरभ के दिल में एक अजीब सी बेचैनी थी। मोबाइल में उस चाभी की फोटो को वो बार-बार देख रहा था — AF-108। क्या ये सचमुच एक खजाने की चाबी थी, या बस एक पुरानी याद?
उसके दिमाग में लगातार वही वाक्य घूम रहा था जो दादा की डायरी में लिखा था:
“जहाँ हवाएं भी चुप रहती हैं, वहीं से शुरू होती है एक अमीरजादे की असली पहचान।”
रात में रूहगढ़ हवेली की पहली झलक
रात के अंधेरे में सौरभ की टैक्सी रूहगढ़ गाँव में दाखिल हुई। चारों तरफ वीरानी थी। हल्की बारिश और कीचड़ भरे रास्तों के बीच उसकी गाड़ी एक पुरानी हवेली के सामने रुकी — रूहगढ़ की हवेली, जिसे लोग अब "शापित हवेली" कहकर बुलाते थे।
हवेली की दीवारों पर काई जमी थी। एक टूटी खिड़की से पीली रौशनी बाहर आ रही थी, जैसे कोई अंदर उसका इंतज़ार कर रहा हो।
पहला सुराग
हवेली के अंदर कदम रखते ही सौरभ को ठंडी हवा का झोंका लगा। दीवारों पर पुरानी पेंटिंग्स थीं — रियासतकालीन राजा-रानियों की तस्वीरें। एक तस्वीर में कुछ अजीब था — एक राजा की उंगली में वही AF-108 लिखा था।
तभी एक आवाज़ आई — खड़खड़ाहट की। सौरभ तुरंत पीछे मुड़ा — कोई नहीं था। मगर दीवार पर एक पुराना नक्शा टंगा था, जिस पर लिखा था: “कक्ष संख्या 9 — जहाँ अमीरजादा सोया नहीं, जागता रहा...”
कक्ष नंबर 9 का रहस्य
नौवां कमरा पूरी तरह बंद था। लेकिन जैसे ही उसने जेब से चाबी निकाली, दरवाज़ा खुद-ब-खुद खुल गया। अंदर एक लालटेन की धीमी रौशनी थी और एक लकड़ी की मेज़ पर एक पुरानी डायरी रखी थी:
"अगर तू खून से है, तो अगला दरवाज़ा तेरे लिए खुलेगा। वरना ये हवेली ही तेरा आखिरी ठिकाना होगी।"
– S.M.
अब क्या होगा?
- S.M. कौन है?
- क्या ये दादा के किसी दुश्मन का संकेत है?
- क्या हवेली कोई जाल है या विरासत का द्वार?
सौरभ की साँसें तेज़ हो गई थीं। उसके पास अब दो चीज़ें थीं: एक चाबी और एक नई डायरी। लेकिन अगला कदम कितना खतरनाक होगा?
जवाब मिलेगा अगले एपिसोड में...

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